नई दिल्ली: राघव चड्ढा द्वारा राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद पार्टी पर लगाए गए आरोपों से सियासी माहौल गरमा गया है। उनके बयान के बाद आम आदमी पार्टी के कई नेता बचाव में उतर आए हैं। दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा पर पार्टी लाइन से हटकर मुद्दे उठाने और अहम विषयों पर चुप रहने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पर वीडियो से दिया जवाब
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो जारी कर कहा, “हम सभी अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं और हमें सिखाया गया है कि डरकर राजनीति नहीं की जाती।” उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने संसद में जरूरी मुद्दों की बजाय गैर-जरूरी विषयों को प्राथमिकता दी।
सरकार पर भी साधा निशाना
भारद्वाज ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि जो भी नेता सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, सोशल मीडिया पर बैन किया जाता है और एफआईआर दर्ज की जाती है। उन्होंने कहा कि संसद में सीमित समय मिलता है, ऐसे में गंभीर मुद्दों को उठाना जरूरी है।
विपक्षी मुद्दों पर चुप रहने का आरोप
उन्होंने राघव चड्ढा पर आरोप लगाया कि उन्होंने कई अहम मौकों पर विपक्ष का साथ नहीं दिया। पश्चिम बंगाल में वोटिंग से जुड़े मुद्दों पर प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने और वॉकआउट में शामिल न होने को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही, पंजाब और गुजरात के मुद्दों पर भी चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
अनुराग ढांडा ने भी साधा निशाना
वहीं, AAP नेता अनुराग ढांडा ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर राघव चड्ढा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता को निडर होकर देश के मुद्दे उठाने चाहिए, न कि छोटे-छोटे विषयों पर ध्यान देना चाहिए।
राघव चड्ढा का पलटवार—‘खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं’
इससे पहले राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें बोलने से रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वे आम जनता के मुद्दों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, “मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं।”