सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड स्थित हनुमान नगर गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पोखर में बड़ी संख्या में वोटर आईडी कार्ड तैरते हुए मिले। शुरुआत में बच्चों ने इन कार्डों को साधारण कागज या ताश समझकर उठा लिया, लेकिन बाद में पता चला कि ये निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर पहचान पत्र हैं।
जानकारी के अनुसार गांव के कुछ बच्चे पोखर के पास खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी में तैर रहे कार्डों पर पड़ी। बच्चे उन्हें उठाकर घर ले गए। घर पहुंचने पर परिजनों ने जब कार्डों को ध्यान से देखा तो पता चला कि वे वोटर आईडी कार्ड हैं। इसके बाद पूरे गांव में यह खबर तेजी से फैल गई और लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने अपने-अपने वोटर कार्ड की जांच शुरू कर दी। हालांकि अधिकांश लोगों ने बताया कि उनके पहचान पत्र सुरक्षित हैं। इसके बावजूद लोगों के मन में यह सवाल बना हुआ है कि आखिर इतने सारे वोटर आईडी कार्ड पोखर तक पहुंचे कैसे।
ग्रामीणों का कहना है कि वोटर आईडी कार्ड एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज होता है। ऐसे में एक साथ बड़ी संख्या में इनका पोखर में मिलना गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
स्थानीय युवक नासिर ने मामले की सूचना सोनबरसा प्रखंड विकास पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार को व्हाट्सएप के माध्यम से दी। वहीं गांव के अबु बकर और एम जे आलम ने भी प्रशासन को घटना की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की।
बीडीओ मृत्युंजय कुमार ने बताया कि मामले की सूचना मिल चुकी है। सभी मिले हुए कार्डों को प्रखंड कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्डों की जांच के बाद पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर टीम गठित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।