Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फर्जी पहचान के सहारे रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी बख्शी का तालाब (BKT) इलाके में क्लिनिक जैसी दुकान चलाकर स्थानीय लोगों के बीच रह रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से नकली भारतीय पहचान पत्र, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे बना रखा था भारतीय पहचान
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरूप बख्शी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से Narail District का रहने वाला है। आरोपी नकली दस्तावेजों के जरिए भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट हासिल कर अवैध रूप से भारत में रह रहा था।
लखनऊ पुलिस के अनुसार, उसे किसान पथ स्थित विपश्यना ध्यान केंद्र फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया गया। आरोपी BKT क्षेत्र में एक क्लिनिकनुमा दुकान चलाता था, जहां लोगों को दवाइयां और इलाज उपलब्ध कराता था।
आधार कार्ड, मोबाइल और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से एक आधार कार्ड, 300 रुपये नकद और एक Oppo मोबाइल फोन बरामद किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने भारत में अवैध रूप से रहने और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने की बात स्वीकार की है।
इस मामले में Lucknow Police ने BKT थाने में धोखाधड़ी और विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आधार के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है, जिसमें केंद्र सरकार, राज्यों और चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है कि आधार कार्ड का उपयोग केवल पहचान पत्र के रूप में किया जाए, न कि नागरिकता, निवास या जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर।
यह याचिका Ashwini Kumar Upadhyay द्वारा दायर की गई है।