बिहार: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1.50 करोड़ महिलाओं को मिले 10-10 हजार रुपये, राशि लौटाने की कोई बाध्यता नहीं

Bihar: 1.50 crore women received Rs 10,000 each under the Chief Minister's Women's Employment Scheme, with no obligation to return the amount.

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी महिला रोजगार योजना के तहत अब तक 1 करोड़ 50 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि ऑनलाइन अंतरित की जा चुकी है। यह राशि पूर्ण रूप से राज्य सरकार द्वारा अनुदानित है और महिलाओं को इसे लौटाने की आवश्यकता नहीं है।

विपक्ष द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि महिलाओं को यह राशि ब्याज सहित वापस करनी होगी, लेकिन सरकार ने इसे पूरी तरह भ्रामक बताया है। आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया गया है कि इस योजना के तहत दी गई राशि कोई ऋण (Loan) नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली वित्तीय सहायता (Grant) है।

🌸 महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
इस योजना की शुरुआत 29 अगस्त 2025 को की गई थी, जिसका उद्देश्य हर परिवार की एक महिला को रोजगार शुरू करने हेतु वित्तीय सहायता देना है।

💰 आर्थिक सहायता और आगे की मदद

  • प्रथम चरण में पात्र महिलाओं को बैंक खाते में DBT के माध्यम से 10,000 रुपये दिए जा रहे हैं।
  • रोजगार शुरू करने के बाद, उनके व्यवसाय का मूल्यांकन कर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाएगी।
  • यह राशि किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं करनी होगी।

🏪 महिलाएँ कर सकती हैं अपनी पसंद का रोजगार शुरू
इस योजना के तहत महिलाएँ किराना, फल-सब्ज़ी, बर्तन, स्टेशनरी, सौंदर्य प्रसाधन की दुकान,
ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई, मोबाइल रिचार्ज, फोटोकॉपी सेंटर,
तथा कृषि, गौपालन, मुर्गीपालन जैसे रोजगार शुरू कर सकती हैं।

राज्य सरकार गांव से लेकर शहर तक हाट-बाजारों का विकास भी कर रही है ताकि महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने में आसानी हो।

🧾 पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

  • लाभ लेने वाली महिला की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • वह या उसके पति आयकर दाता या सरकारी सेवा में नहीं होने चाहिए।
  • ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएँ अपने ग्राम संगठन (VO) में आवेदन कर सकती हैं।
  • शहरी महिलाएँ www.brips.in
    पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
  • जिन महिलाएँ स्वयं सहायता समूह (SHG) से नहीं जुड़ी हैं, उन्हें पहले उससे जोड़कर योजना का लाभ दिया जाएगा।

🎓 प्रशिक्षण और शिकायत निवारण की व्यवस्था
महिलाओं को उनके चुने हुए रोजगार के क्षेत्र में नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
यदि किसी भी स्तर पर आवेदन या लाभ के लिए पैसे की मांग की जाती है, तो महिलाएँ
जीविका के प्रखंड/जिला कार्यालय, BDO, DDC, DM या
नगर निकाय कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकती हैं।

📅 भविष्य की योजना
अब तक 1.50 करोड़ महिलाओं को राशि दी जा चुकी है।
शेष पात्र महिलाओं को दिसंबर 2025 तक राशि हस्तांतरित करने का कैलेंडर जारी किया जा चुका है।
कोई अंतिम तिथि निर्धारित नहीं है — जब तक राज्य की सभी पात्र महिलाएँ योजना के दायरे में नहीं आ जातीं, तब तक यह योजना जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि यह योजना न केवल महिला सशक्तीकरण, बल्कि आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में राज्य सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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