लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर गरमाई बहस: कांग्रेस ने उठाए पहलगाम हमले पर सवाल, रक्षा मंत्री ने दिया करारा जवाब

Debate on 'Operation Sindoor' heated up in Lok Sabha: Congress raised questions on Pahalgam attack, Defense Minister gave a befitting reply

नई दिल्ली: सोमवार को लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि 100 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि आतंकी आखिर पहलगाम के बैसरन क्षेत्र तक पहुंचे कैसे और किसने उन्हें वहां पनाह दी।

गौरव गोगोई ने कहा, “रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बहुत सारी बातें कहीं, लेकिन यह नहीं बताया कि पाकिस्तान से आए आतंकवादी पहलगाम कैसे पहुंचे और 26 निर्दोष लोगों की हत्या कैसे कर दी? देश जानना चाहता है कि अब तक उन आतंकियों को क्यों नहीं पकड़ा गया?” उन्होंने आगे कहा, “सरकार के पास आधुनिक तकनीक, ड्रोन, पेगासस, CRPF, BSF और CISF जैसी एजेंसियां हैं, फिर भी 100 दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”

गोगोई ने सरकार की विदेश नीति और रक्षा रणनीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “अगर पीओके आज नहीं लेंगे, तो कब लेंगे? सरकार कहती है हमारे पास दुनिया के बेहतरीन लड़ाकू विमान हैं, लेकिन फिर भी CDS को यह कहना पड़ता है कि हमारे विमान उस रेंज में नहीं जा सकते।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पलटवार: “सुदर्शन चक्र उठा लिया है, ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गोगोई के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, “भारत की सेना शेर की तरह है, और शेर अगर मेंढकों को मारे तो संदेश अच्छा नहीं जाता। हमारी नीति आक्रामक नहीं, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की रही है।”

उन्होंने कहा, “हमारा इतिहास है कि हमने कभी किसी की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं किया। पाकिस्तान जैसे देश से मुकाबले का मतलब है अपने स्तर को नीचे गिराना। भारत की नीति स्पष्ट है—जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देगा, हम उसे बख्शेंगे नहीं।”

राजनाथ सिंह ने भगवान राम और श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा, “हमने श्रीकृष्ण से सीखा है कि 100 गलतियां माफ की जा सकती हैं, लेकिन जब सीमा पार हो जाए, तो सुदर्शन चक्र उठाना पड़ता है। अब हमने सुदर्शन चक्र उठा लिया है, और ऑपरेशन सिंदूर तब तक जारी रहेगा, जब तक आतंकवाद को उसकी जड़ से खत्म नहीं कर देते।”

निष्कर्ष:
लोकसभा में हुई इस चर्चा से साफ है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। जहां कांग्रेस जवाब मांग रही है, वहीं सरकार अपनी नीति को दृढ़ और संतुलित बता रही है। आने वाले दिनों में इस पर और भी राजनीतिक गर्माहट देखने को मिल सकती है।

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