लश्कर-ए-तैयबा ने पाकिस्तानी सेना का खुला समर्थन किया, अफगानिस्तान पर हमले की दी धमकी

Lashkar-e-Taiba openly supports Pakistani Army, threatens attack on Afghanistan

इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव ने अब एक और खतरनाक रूप ले लिया है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने पहली बार खुलेआम पाकिस्तानी सेना का साथ देते हुए अफगानिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धमकी दी है। संगठन ने घोषणा की है कि जरूरत पड़ने पर वह पाकिस्तानी सेना के कंधे से कंधा मिलाकर अफगानिस्तान और वहां सक्रिय आतंकी नेटवर्क का मुकाबला करेगा। इस बयान ने न केवल दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों में जहर घोल दिया है, बल्कि पाकिस्तान सरकार और आतंकी गुटों के गठजोड़ को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर कर दिया है।

लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर कारी याकूब शेख, जो मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के करीबी सहयोगी हैं, ने एक वीडियो संदेश जारी कर यह सनसनीखेज बयान दिया। वीडियो में शेख ने सबसे पहले पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ (CDF) बनाए जाने का स्वागत किया और इसे पाकिस्तान के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। इसके बाद उन्होंने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अफगान पक्ष लिखित आश्वासन नहीं देता कि उनकी सरजमीन का इस्तेमाल इस्लामाबाद-विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होगा, तो परिणाम भयानक होंगे।

वीडियो में कारी याकूब शेख ने पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) और अफगान उलेमा द्वारा जारी फतवे का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि अफगान मिट्टी का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा अफगानिस्तान को भाईचारे के रूप में समर्थन दिया है, लाखों अफगान शरणार्थियों को शरण दी है, लेकिन बदले में केवल धोखा ही मिला। शेख ने धमकी भरे अंदाज में कहा, “अगर अफगानिस्तान ने अपनी धरती से पाकिस्तान-विरोधी गतिविधियां नहीं रोकीं, तो लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तानी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अफगानिस्तान का सामना करेगा।”

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे पाक-अफगान सीमा पर तनाव को और भड़काने वाला बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन का पाकिस्तानी सेना का खुला समर्थन और दूसरे देश पर हमले की धमकी यह सिद्ध करती है कि पाकिस्तान की सेना और आतंकी समूहों के बीच गहरा रणनीतिक संबंध बरकरार है। लश्कर की यह कार्रवाई दर्शाती है कि पाकिस्तान अपनी विदेश नीति में इन गुटों को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, जिससे दक्षिण एशिया में अस्थिरता और बढ़ सकती है

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