नई दिल्ली। आतंक को पनाह देने वाला पाकिस्तान आज खुद आतंक की लपटों में घिरता नजर आ रहा है। दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार बम धमाके के महज कुछ घंटों बाद इस्लामाबाद के कोर्ट परिसर में जोरदार विस्फोट हुआ। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने ली है, लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की नजरें फिर भी भारत पर टिकी हैं।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दिल्ली धमाके पर टिप्पणी करते हुए कहा, “कल तक तो यह एक गैस सिलेंडर विस्फोट था। अब वे इसे विदेशी साजिश बताने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “भारत पाकिस्तान पर कभी भी आरोप लगा सकता है।” लेकिन इसके साथ ही खुली धमकी देते हुए बोले, “पाकिस्तान दो मोर्चों पर जंग लड़ने के लिए तैयार है। हम ईस्टर्न (भारत) और वेस्टर्न (अफगानिस्तान) बॉर्डर पर एक साथ लड़ सकते हैं। अल्लाह ने राउंड वन में हमारी मदद की थी, राउंड टू में भी करेंगे।”
ऑपरेशन सिंदूर का डर, पाकिस्तान की बेचैनी साफ
पाकिस्तान की यह घबराहट जायज भी है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को साफ संदेश दिया था कि “दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”। इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। अब दिल्ली धमाके के बाद भूटान से पीएम मोदी ने फिर दोहराया कि “जो भी जिम्मेदार है, उसे छोड़ा नहीं जाएगा”।
पाकिस्तान को अच्छी तरह अंदाजा है कि यदि इस बार भी आतंकी वारदात की जड़ें पाकिस्तानी धरती से जुड़ीं, तो ऑपरेशन सिंदूर से भी बड़ा जवाब मिलेगा। वह घाव अभी तक नहीं भूला है।
अफगानिस्तान को भी गीदड़भभकी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान को चेतावनी दी: “काबुल के शासक पाकिस्तान में आतंकवाद रोक सकते हैं, लेकिन इस युद्ध को इस्लामाबाद तक लाना काबुल से एक संदेश है। जवाब देने की पूरी ताकत पाकिस्तान के पास है।”
पाकिस्तान लगातार दावा करता रहा है कि अफगानिस्तान की धरती से उसके खिलाफ हमले हो रहे हैं। लेकिन टीटीपी ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर सनसनी मचा दी। वीडियो में एक टीटीपी सदस्य ने पाकिस्तानी सेना और सरकार को “क्रूर” बताया और दावा किया कि “उनमें मुजाहिदीन से लड़ने की हिम्मत नहीं है”। उसने पाकिस्तानी सरकार के पतन की भविष्यवाणी की और खुलासा किया कि टीटीपी के लड़ाके पंजाब में मौजूद हैं।
यह बयान सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को खुली चुनौती है। पाकिस्तान जो दूसरों पर आतंकवाद का आरोप लगाता रहा है, आज खुद अपने घर में आग से जूझ रहा है।