नई दिल्ली: अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक हालिया रिपोर्ट ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना गुप्त रूप से एक ऐसी परमाणु क्षमता से लैस अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) विकसित कर रही है, जो सीधे संयुक्त राज्य अमेरिका तक मार करने में सक्षम होगी।
यह चौंकाने वाली रिपोर्ट प्रतिष्ठित अमेरिकी पत्रिका ‘फॉरेन अफेयर्स’ में प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ICBM जैसी मिसाइल बनाकर अपने परमाणु कार्यक्रम को नई दिशा देने की कोशिश में है, और यह सब कुछ चीन की मदद से किया जा रहा है। रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब भारत द्वारा हाल ही में किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद क्षेत्र में रणनीतिक असंतुलन की चर्चा जोरों पर है।
अमेरिका ने जताई गंभीर चिंता
रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि अगर पाकिस्तान ऐसी मिसाइल विकसित करता है, तो अमेरिका उसे ‘परमाणु दुश्मन देश’ घोषित कर सकता है। इस सूची में पहले से रूस, चीन और उत्तर कोरिया जैसे देश शामिल हैं। अमेरिका के लिए खतरा बनने वाले किसी भी देश को इस श्रेणी में रखा जाता है।
रणनीतिक संतुलन को बिगाड़ने वाला कदम
पाकिस्तान अब तक यह कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम भारत के खिलाफ संतुलन बनाए रखने के लिए है, और उसने अब तक छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलों पर ही ध्यान केंद्रित किया है। लेकिन अब ICBM विकसित करने की गुप्त कोशिशों ने अमेरिका की नींद उड़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम अमेरिका पर रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हो सकता है — ताकि अमेरिका भारत-पाक तनाव की स्थिति में खुलकर भारत का समर्थन न करे, या फिर वह पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को नष्ट करने की योजना न बनाए।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल पाकिस्तान के पास लगभग 170 परमाणु हथियार हैं। 2022 में उसने ‘शाहीन-III’ नामक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था, जिसकी मारक क्षमता 2,700 किलोमीटर है और जो कई भारतीय शहरों को निशाना बना सकती है।
लेकिन ICBM की रेंज 5,500 किलोमीटर से अधिक होती है, जिससे अमेरिका तक भी हमला किया जा सकता है।
अगर पाकिस्तान इस मिसाइल को विकसित कर लेता है, तो यह न केवल दक्षिण एशिया बल्कि वैश्विक सुरक्षा संतुलन के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। अमेरिका की चिंता यह भी है कि इस तरह के हथियार आतंकियों के हाथ न लग जाएं, क्योंकि पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं।