प्रयागराज यौन उत्पीड़न केस: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ जांच तेज, मेडिकल रिपोर्ट अदालत में पेश होगी

Prayagraj sexual harassment case: Investigation against Swami Avimukteshwarananda intensifies, medical report to be presented in court

नई दिल्ली: प्रयागराज में दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ जांच तेज कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नाबालिग पीड़ितों की मेडिकल जांच रिपोर्ट तैयार कर बंद लिफाफे में जांच अधिकारी को सौंप दी गई है। रिपोर्ट को अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है।

सूत्रों का दावा है कि मेडिकल परीक्षण में बच्चों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। बुधवार को पीड़ित नाबालिगों का मेडिकल टेस्ट कराया गया था। दो डॉक्टरों के पैनल ने प्रयागराज के एक सरकारी अस्पताल में जांच की।

जांच में कई पहलुओं की पड़ताल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बटुकों के साथ कुकर्म किसने, कब और कहां किया—यह जांच का विषय है। पूरी जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोप कितने सही हैं।

झूंसी थाने के प्रभारी महेश मिश्र ने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती।

इससे पहले शंकराचार्य के खिलाफ केस दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज ने दावा किया था कि सभी सबूत मौजूद हैं और मेडिकल रिपोर्ट में कुकर्म की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को जल्द न्याय मिलेगा।

पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में एक पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया। उसने एक इंटरव्यू में आरोप लगाया कि वह अध्ययन के लिए गया था, जहां उसका शोषण किया गया। उसने यह भी दावा किया कि अन्य बच्चों के साथ भी ऐसी घटनाएं हुईं।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि माघ मेले के दौरान 16 जनवरी को भी उसके साथ शोषण हुआ। उसने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद का नाम लेते हुए आरोप लगाए। साथ ही कुछ अन्य शिष्यों पर बाहर से बच्चों को लाने और उनके साथ यौन शोषण करने के आरोप लगाए। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

आरोपों को बताया साजिश
वहीं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सभी आरोपों को साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस पर जनता का भरोसा नहीं है, इसलिए किसी दूसरे राज्य की एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और रिपोर्ट अदालत में पेश होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

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