सीतामढ़ी: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आज सीतामढ़ी के डुमरा फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित “बिहार बदलाव जनसभा” को संबोधित किया और इसके बाद मीडिया से बातचीत में केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने खासकर गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित सीतामढ़ी दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
अमित शाह पर सीधा सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा, “अमित शाह, नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी चुनाव के सिवा बिहार में एक रात भी नहीं बिताते। जब बिहार के युवाओं को महाराष्ट्र में मारा गया, तब अमित शाह चुप थे, अब वोट लेने आ रहे हैं।”
उन्होंने सवाल उठाया कि जब महाराष्ट्र, जहां भाजपा की सरकार है, वहां बिहारियों पर हमला हुआ, तब गृह मंत्री चुप क्यों रहे? अब बिहार में भाषण देने से जनता गुमराह नहीं होगी।
चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग के SIR (स्पेशल रिवीजन) मामले को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा,
“भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग गरीब, वंचित और मुसलमानों के वोट काटने की साजिश कर रहा है। लेकिन डरने की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है — आधार है तो वोट देने का अधिकार है।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे, उनके लिए जन सुराज कानूनी लड़ाई लड़ेगा।
डोमिसाइल नीति को बताया ‘धोखा’
बिहार में हाल में घोषित डोमिसाइल नीति पर भी प्रशांत किशोर ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:
“TRE-4 के बहाने झूठा प्रचार किया जा रहा है। इससे पहले 3 लाख शिक्षकों की बहाली में बिहार के बच्चों को नजरअंदाज कर, बाहरी लोगों को नौकरी दी गई। यह डोमिसाइल नहीं, चुनावी चाल है।”
उन्होंने दावा किया कि अगर सच में डोमिसाइल लागू किया गया है तो 100% नौकरियां बिहार के युवाओं को मिलनी चाहिए, लेकिन सरकार इस पर कुछ नहीं बता रही।
नीतीश पर निशाना, जन सुराज से डरने का दावा
तेज हमलों के बीच प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी कटाक्ष करते हुए कहा:
“प्रधानमंत्री बनने के लालच में नीतीश कुमार ने बिहार के युवाओं का हक छीना। अब विधानसभा चुनाव को देखकर डोमिसाइल की बात कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारें अब इसलिए सक्रिय हो रही हैं क्योंकि “जन सुराज” के खड़े होने भर से सत्ता पक्ष घबरा गया है।
जनता को किया जागरूक रहने का आह्वान
प्रशांत किशोर ने जनता से कहा, “20 साल से बिहार में कोई बदलाव नहीं हुआ। अब जब जनता खड़ी हो रही है तो सरकारें पेंशन, मानदेय और नीतियों में बदलाव की बात कर रही हैं। असली ताकत जनता के पास है और अब बिहार बदलाव के मोड़ पर है।”
निष्कर्ष:
प्रशांत किशोर की सीतामढ़ी जनसभा के जरिए साफ संदेश गया कि आगामी विधानसभा चुनाव में वे तेज तेवर और जनहित के मुद्दों के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं। भाजपा, जेडीयू और राजद तीनों पर निशाना साधते हुए उन्होंने खुद को बिहार की राजनीति का नया विकल्प बताया।