लखनऊ: मेरठ में शुक्रवार (21 फरवरी) की रात को प्रशासन ने 168 साल पुरानी एक ऐतिहासिक मस्जिद को बुलडोजर से गिरा दिया। यह मस्जिद दिल्ली रोड के सर्विस लेन पर स्थित थी और मेट्रो तथा रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण के बीच आ रही थी।
जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले प्रशासन ने मस्जिद का बिजली कनेक्शन काट दिया था, जिसके बाद मुस्लिम पक्ष ने मस्जिद के कुछ हिस्सों को हथौड़े से तोड़ने का प्रयास किया था। इसके बाद शुक्रवार की देर रात प्रशासन ने बुलडोजर लगाकर पूरी मस्जिद को गिरा दिया और मलबा भी तुरंत हटा दिया, जिससे मेट्रो के काम के लिए जगह खाली हो गई।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सहमति के आधार पर की गई है और इसके पीछे कोई अन्य कारण नहीं है। वहीं, मुस्लिम पक्ष ने प्रशासन से नई मस्जिद के निर्माण के लिए जगह और मुआवजा देने की मांग की है।
यह मस्जिद दिल्ली रोड पर जगदीश मंडप के पास स्थित थी और काफी समय से वहां मौजूद थी। प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण कार्य में बाधा डाल रही थी, इसलिए इसे हटाने का निर्णय लिया गया। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें मस्जिद के बदले नई जगह और उचित मुआवजा मिलना चाहिए था, लेकिन बिना उनकी मांग पूरी किए इसे हटा दिया गया।
इस कार्रवाई के दौरान घटनास्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस बल की भारी तैनाती के बीच मस्जिद को बुलडोजर से गिराया गया। मस्जिद ध्वस्त होने की खबर से इलाके में तनाव बढ़ गया, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को काबू में रखने की कोशिश की है।
(SOURCE – IANS)