वैशाली: धार्मिक आस्था और लालच का सहारा लेकर भोले-भाले लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों को वैशाली की महुआ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह साधु और तांत्रिक का भेष धारण कर लोगों को गहने और नकदी दोगुनी करने का झांसा देता था। पुलिस ने दोनों को पकड़कर उनके पास से ₹1,00,500 नकद, एक आधार कार्ड और एक ताबीज बरामद किया है। गिरोह का तीसरा सदस्य अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
महिला को बनाया था शिकार
यह मामला हरलोचपुर थाना क्षेत्र के चकसैद गांव का है, जहां 6 मई को किरण देवी नामक महिला के घर पर तीन फर्जी साधु पहुंचे। उन्होंने किरण देवी को झांसा दिया कि वे उसके गहनों और पैसों को तंत्र-मंत्र से दोगुना कर सकते हैं। महिला उनके झांसे में आ गई और उन्हें ₹12,000 नकद और सोने के गहने सौंप दिए। इसके बाद तीनों ठग मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों से पकड़ा
घटना की शिकायत किरण देवी ने 14 मई को हरलोचपुर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छानबीन शुरू की और सहरसा जिले के चकभारो गांव निवासी गुड्डु लाठौर और निरो लाठौर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
पूरे राज्य में घूम-घूम कर करते थे ठगी
महुआ एसडीपीओ कुमारी दुर्गा शक्ति ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पेशेवर ठग हैं और पूरे राज्य में घूम-घूम कर इसी तरह साधु या तांत्रिक बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। उनके पास से नकदी के साथ-साथ एक ताबीज और आधार कार्ड भी बरामद हुआ है, जिसका इस्तेमाल वे लोगों को विश्वास में लेने के लिए करते थे।
तीसरे आरोपी की तलाश जारी
तीसरे फरार आरोपी की पहचान कर ली गई है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है, जिसकी जांच की जा रही है।