उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन के लिए बजट में किए विशेष प्रावधान, विकास को मिलेगी नई दिशा

Uttar Pradesh government has made special provisions in the budget for religious tourism, development will get a new direction

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों के समग्र विकास और पर्यटन को नई दिशा देने के उद्देश्य से बजट में विशेष प्रावधान किए हैं। इस पहल से राज्य के धार्मिक पर्यटन को और अधिक विस्तार मिलेगा तथा देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में आकर्षित होंगे।

धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार का विशेष जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 से ही उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू किया है। अयोध्या में दीपोत्सव, वाराणसी में देव दीपावली और ब्रज के होलिकोत्सव जैसे आयोजनों ने राज्य में पर्यटन को नई गति दी है और उत्तर प्रदेश को विश्व स्तर पर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

बजट में प्रमुख योजनाओं के लिए प्रावधान
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में प्रस्तुत बजट में धार्मिक स्थलों के विकास के लिए कई बड़े प्रावधानों की घोषणा की। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित योजनाएं शामिल हैं:

  • श्री बांके बिहारी जी मंदिर और मथुरा-वृंदावन गलियारे के निर्माण और भूमि खरीद के लिए 150 करोड़ रुपये।
  • मिर्जापुर में त्रिकोणीय क्षेत्र के परिक्रमा पथ और जनसुविधाओं के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये, जिसमें 100 करोड़ रुपये भूमि खरीद और 100 करोड़ रुपये निर्माण पर खर्च होंगे।
  • नैमिषारण्य में पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये और वेद विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये।
  • चित्रकूट में पर्यटन आधारभूत संरचनाओं के विकास हेतु 50 करोड़ रुपये।
  • जनोपयोगी संरक्षित मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये।
  • विंध्याचल धाम में मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये।

पर्यटन के बढ़ते आंकड़े
इन योजनाओं का प्रभाव राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या पर देखा जा रहा है। सरकार के अनुसार, जनवरी से दिसंबर 2024 तक उत्तर प्रदेश में 65 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जिनमें 14 लाख विदेशी पर्यटक भी शामिल थे।

बुनियादी ढांचे का विस्तार और नई सुविधाएं
धार्मिक स्थलों तक यात्रियों की पहुंच को सुगम बनाने के लिए सरकार ने प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे यात्री सुविधाओं के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के तहत 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें मथुरा के लिए 125 करोड़ रुपये, नैमिषारण्य के लिए 100 करोड़ रुपये और चित्रकूट के लिए 50 करोड़ रुपये शामिल हैं।

उत्सवों और सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगा प्रोत्साहन
उत्तर प्रदेश सरकार के ये प्रयास राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और उसे विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। धार्मिक पर्यटन को गति देने और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह पर्यटन उद्योग को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा।

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