50 साल से बाढ़ की मार, करोड़ों खर्च फिर भी बेबस बिहार

Decades of flood devastation, crores spent—yet Bihar remains helpless.

पटना : बिहार में बाढ़ कोई नई समस्या नहीं है। राज्य के बड़े हिस्से में हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है। नदियों का बढ़ता जलस्तर, नेपाल से आने वाला पानी, लगातार बारिश और नदी के बदलते रास्ते इसकी प्रमुख वजहों में शामिल हैं। पिछले करीब 50 वर्षों में बाढ़ से निपटने के लिए सरकारों ने बड़ी रकम खर्च की, लेकिन इसके बावजूद बाढ़ की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। बिहार में बाढ़ इतनी गंभीर क्यों है? बिहार की भौगोलिक स्थिति इसे बाढ़ के लिहाज से बेहद…

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क्या बिहार अब जाति नहीं, मुद्दों की राजनीति की ओर बढ़ रहा

— चंदन चौरसिया वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक क्या बिहार अब जाति नहीं, मुद्दों की राजनीति की ओर बढ़ रहा • एक वोट, दो संदेश: सत्ता को सबक और पीके को चुनौती • छात्र, बेरोजगारी और सत्ता विरोधी लहर: बीजेपी की हार की 10 बड़ी वजहें   बिहार की राजनीति में बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम केवल एक सीट का चुनावी नतीजा नहीं है, बल्कि यह जनता के मन में चल रही उन तमाम भावनाओं, नाराजगियों और उम्मीदों का प्रतिबिंब भी है, जो पिछले कुछ वर्षों में धीरे-धीरे आकार ले रही…

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आरक्षण और स्वर्ण समाज – आज की स्थिति

Reservation and the Upper-Caste Community – The Current Situation

रुपेश कुमार सिंह चौथी वाणी, पटना आरक्षण और स्वर्ण समाज – आज की स्थिति 1. तथ्य: – शुरुआत: 1950 में SC/ST के लिए 10 साल आरक्षण। कारण: सदियों का शैक्षिक-सामाजिक पिछड़ापन। – विस्तार: 1990 में OBC 27%, और 2019 में EWS 10% – ये स्वर्ण समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए है। आय सीमा ₹8 लाख/साल। – आज का सच: 50% से ज्यादा सीटें अब भी “General” कैटेगरी की हैं। UPSC में 50% सीट, IIT में ∼40% सीट General/EWS की हैं। 2 सच्चाई साथ चल रही हैं:…

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नीतीश कुमार का अंत……… अज्ञातवास व दर्दनाक…??

बिहार में लूट की छूट थी। बिहार में भ्रष्टाचार शिष्टाचार में बदल गया। अब अंत ऐसा कि कोई जान भी न पाएगा ऐसा नया नहीं कब उदाहरण है। नीतीश कुमार कुछ जाति के लिए किय और जाति के नेताओं को समाप्त किया। दुनिया में जितने यशस्वी राजनेता हुए हैं । चाहे वह हिटलर या शाहजहां क्यों नहीं हों। उनका अंत बहुत दुखदाई हुआ है। हिटलर दुनिया का सबसे बड़ा तानाशाह माना जाता रहा और शाहजहां मुगल काल के स्वर्ण काल के बादशाह रहे। पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद वर्तमान भारत…

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बिहार में सियासी ‘सस्पेंस’: अगला मुख्यमंत्री कौन—संजीव चौरसिया, प्रेम कुमार या कोई नया चेहरा: चंदन चौरसिया

नागपुर बुलावे ने बढ़ाई हलचल, बीजेपी की रणनीति पर टिकी सबकी नजर जातीय समीकरण, संगठन और 2025 की तैयारी—किसे मिलेगा ‘सीएम चेहरा’ का ताज? पटना।वरिष्ठ पत्रकार चंदन चौरसिया ने कहा कि बिहार की राजनीति एक बार फिर ‘सस्पेंस’ और ‘संकेतों’ के दौर में प्रवेश कर चुकी है। सत्ता के गलियारों में एक सवाल तेजी से गूंज रहा है—आखिर अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? क्या यह जिम्मेदारी भाजपा के कद्दावर नेता संजीव चौरसिया को मिलेगी, या अनुभवी नेता प्रेम कुमार को फिर से मौका दिया जाएगा, या फिर पार्टी कोई नया चेहरा…

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तेल, तनाव और तंगी: क्या महंगाई की नई आंधी में फंस रहा भारत?

मिडिल ईस्ट संकट और ईंधन मूल्य वृद्धि ने बढ़ाई आर्थिक चिंता आम आदमी की जेब पर सीधा वार, सरकार के सामने नई चुनौती (चंदन चौरसिया पत्रकार एवं सामाजिक विषयों के विश्लेषक) भारत एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां अंतरराष्ट्रीय घटनाएं सीधे घरेलू अर्थव्यवस्था को झकझोर रही हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव इस संकट को और गहरा करने का संकेत दे रहा है। यह सिर्फ एक आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि राजनीतिक,…

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बारूद की लकीर पर खड़े दो पड़ोसी: क्या युद्ध की आहट से निकलेगा शांति का रास्ता? — चंदन चौरसिया

पटना (चौथी वाणी)। वरिष्ठ पत्रकार Chandan Chaurasia ने कहा है कि Pakistan और Afghanistan के बीच तेज़ हुए सैन्य तनाव ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति को एक बार फिर अस्थिरता के मुहाने पर ला खड़ा किया है। सीमा पार हमले, जवाबी कार्रवाई, ड्रोन और हवाई हमलों के दावे हालात को खुले युद्ध जैसी गंभीर स्थिति की ओर धकेल रहे हैं। चौरसिया के अनुसार, पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान धरती से संचालित तत्व उसकी सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं, जबकि अफगान पक्ष इसे अपनी संप्रभुता पर हमला करार देता…

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मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के निमित्त सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

डीएम मिथिलेश मिश्र व एसपी अजय कुमार सहित जिले के सभी अधिकारी रहे मौजूद आयुक्त अवनीश कुमार सिंह ने अधिकारियों को दिए कई निर्देश चौथीवाणी/लखीसराय(सरफ़राज़ आलम)अवनीश कुमार सिंह आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल सह प्रेक्षक,निर्वाचक सूची की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के निमित्त सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में बैठक आयोजित की गई। मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 कार्य में अभी तक कराए गए कार्य को ppt के माध्यम से प्रदर्शित किया गया जिस पर आयुक्त द्वारा संतोष व्यक्त किया गया।…

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मक्का: भारत की कृषि, किसान और खाद्य सुरक्षा पर मंडराता GM संकट

Maize: The GM crisis looms over India's agriculture, farmers and food security

डॉ. ममतामयी प्रियदर्शिनी मक्का आज भारत की कृषि अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। पहले इसे केवल खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाता था, लेकिन सरकार द्वारा एथेनॉल उत्पादन में इसके उपयोग को बढ़ावा देने के बाद इसकी मांग में जबरदस्त वृद्धि हुई है। कई संगठनों का मानना है कि हमारे देश में मक्के की आपूर्ति और इसकी मांग के बीच एक खाई बढती जा रही है जिसके कारण हमें विदेशो से मक्का आयात करने की नौबत आन पड़ी है | इसी बीच, कई विदेशी कम्पनियां और…

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साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: फर्जी कंपनियों के जरिए ₹8 करोड़ का लेन-देन

अरवल। साइबर थाना कांड संख्या 1720 में वादी राजेश कुमार सिंह की शिकायत पर बड़ा खुलासा हुआ है। शिकायत के अनुसार, उनका मोबाइल कहीं गिर गया था, जिसके बाद उनके बैंक खाते से ₹60,000 की अवैध निकासी हो गई। मामले की जांच करते हुए अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर सुनीता कुमारी ने पाया कि वादी के खाते से निकली रकम बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक खाते में ट्रांसफर की गई थी। गहन जांच के दौरान, यह खुलासा हुआ कि संबंधित बैंक खाता छह महीने पहले “गो फास्ट एजेंसी” के नाम से खोला गया…

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