रांची: झारखंड में अब सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना और तंबाकू थूकना भारी पड़ सकता है। सरकार ने इस पर लगने वाले जुर्माने को पांच गुना बढ़ा दिया है। पहले जहां ऐसे मामलों में ₹200 का जुर्माना लगाया जाता था, अब यह बढ़ाकर ₹1000 कर दिया गया है।
इस बदलाव को लेकर झारखंड विधानसभा ने वर्ष 2021 में ही संबंधित विधेयक पारित कर दिया था, लेकिन इसे अब जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिली है। राजभवन के मीडिया कोषांग की ओर से बुधवार को जारी सूचना के अनुसार, राष्ट्रपति ने “सिगरेट औ र अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण विनियमन) (झारखंड संशोधन) विधेयक, 2021” को स्वीकृति दे दी है।
इस कानून के प्रभाव में आने के बाद राज्य में कई कड़े प्रावधान लागू होंगे:
- 21 साल से कम उम्र के किशोर अब तंबाकू उत्पाद न खरीद सकेंगे, न बेच सकेंगे।
- शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, सार्वजनिक दफ्तरों और कोर्ट के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
- खुले में सिगरेट बेचने (डिब्बा खोलकर) पर रोक लगा दी गई है।
गौरतलब है कि मार्च 2021 के बजट सत्र में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने यह विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत किया था। चर्चा के दौरान आजसू विधायक लंबोदर महतो ने जुर्माना राशि ₹10,000 करने का सुझाव दिया था, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं हुआ।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने हुक्का बार पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस नियम के उल्लंघन पर जेल या ₹1 लाख का जुर्माना हो सकता है।
सरकार के इस सख्त कदम को सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और युवाओं को नशे से दूर रखने की दिशा में एक अहम फैसला माना जा रहा है।