इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने अपने 89वें स्थापना दिवस पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आधार-ओटीपी आधारित खाता खोलने की सेवा और एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) बैंकिंग सुविधाओं की शुरुआत की है। यह पहल ग्राहकों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बैंकिंग अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।
अब खाता खोलना होगा और भी आसान
बैंक ने अपनी वेबसाइट पर आधार-ओटीपी (OTP) आधारित खाता खोलने की सुविधा शुरू की है, जिससे ग्राहक न्यूनतम दस्तावेजों के साथ तुरंत बचत खाता खोल सकते हैं। यह प्रक्रिया भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ई-केवाईसी (Know Your Customer) दिशानिर्देशों के तहत पूरी तरह से सुरक्षित और परेशानी-मुक्त बनायी गई है।
बैंक के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस डिजिटल सेवा से ग्राहक तेजी से खाता खोल सकेंगे और नियामकीय मानकों का पालन करते हुए बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए API बैंकिंग की सौगात
डिजिटलीकरण की बढ़ती मांग को देखते हुए, इंडियन ओवरसीज बैंक ने कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए API बैंकिंग सेवा शुरू की है। यह सेवा उन कंपनियों के लिए फायदेमंद होगी जो तेज़ और स्वचालित वित्तीय लेन-देन की आवश्यकता महसूस करती हैं।
API बैंकिंग के तहत, कॉरपोरेट ग्राहक अपनी लेखा प्रणालियों (Accounting Systems) से सीधे ‘वास्तविक समय’ (Real-Time) में फंड ट्रांसफर और अन्य बैंकिंग गतिविधियां कर सकते हैं। यह सुविधा बड़े व्यावसायिक संस्थानों को मैन्युअल प्रक्रियाओं से बचाते हुए तेज़, सुरक्षित और कुशल बैंकिंग समाधान प्रदान करेगी।
डिजिटल परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम
इंडियन ओवरसीज बैंक का यह डिजिटल नवाचार न केवल व्यक्तिगत ग्राहकों को सरल बैंकिंग सेवाएं प्रदान करेगा, बल्कि कॉरपोरेट सेक्टर में वित्तीय प्रक्रियाओं को भी आसान बनाएगा। बैंक के इस कदम से डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा मिलेगा और भारत की अर्थव्यवस्था को अधिक तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।