कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में बीजेपी-टीएमसी विधायकों के बीच हंगामा, 5 विधायक निलंबित

Kolkata: Ruckus between BJP-TMC MLAs in West Bengal Assembly, 5 MLAs suspended

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में उस समय हंगामे का माहौल बन गया, जब बीजेपी और टीएमसी विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक और हाथापाई हो गई। यह विवाद अल्पसंख्यकों से जुड़े एक बिल पर चर्चा के दौरान शुरू हुआ, जिसके कारण विधानसभा स्पीकर बिमान बनर्जी को मार्शल बुलाने पड़े। हंगामे के बीच बीजेपी के मुख्य सचेतक डॉ. शंकर घोष सहित चार अन्य विधायकों—अग्निमित्रा पॉल, अशोक डिंडा, बमकिन घोष और मिहिर गोस्वामी—को सदन से निलंबित कर दिया गया।

विवाद तब और बढ़ गया, जब बीजेपी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने “जय श्री राम” के नारे लगाए और कार्यवाही को बाधित किया।

दरअसल, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की ओर से बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली प्रवासी कामगारों पर हमलों की निंदा करने वाला एक प्रस्ताव पेश किया जा रहा था। इस दौरान बीजेपी विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष की ओर से उनकी बेंच पर पानी की बोतलें फेंकी गईं। जवाब में, टीएमसी ने बीजेपी पर असंसदीय व्यवहार का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर “बंगाल विरोधी” होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी बंगाली प्रवासियों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चर्चा को बाधित करने की कोशिश कर रही है। हंगामे की शुरुआत तब हुई, जब बीजेपी विधायकों ने विपक्ष के नेता सुवendu अधिकारी के दो सितंबर को निलंबन पर सवाल उठाए। जब शंकर घोष ने सदन से बाहर जाने से इनकार किया, तो मार्शल की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया।

हंगामे और नारेबाजी के कारण विधानसभा की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा। स्पीकर ने महिला मार्शल की मदद से अग्निमित्रा पॉल को भी सदन से बाहर निकाला। इस घटना ने पश्चिम बंगाल की सियासत में एक नया तनाव पैदा कर दिया है।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment