नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर शनिवार को विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और सैन्य कार्रवाइयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। भारतीय सैन्य अधिकारियों ने बताया कि उधमपुर, पठानकोट, आदमपुर और भुज एयरबेस पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हमलों से कुछ सीमित नुकसान हुआ है, जबकि अधिकतर ठिकाने सुरक्षित हैं।
सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना, जवाबी कार्रवाई में पाक सैन्य ठिकानों पर हमला
विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एयर फोर्स स्टेशन सिरसा और सूरतगढ़ की तस्वीरें दिखाते हुए बताया कि ये पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा भारतीय एस-400 प्रणाली और अन्य ठिकानों को नष्ट करने के दावों को निराधार बताया।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने ड्रोन, लंबी दूरी के हथियार और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। पंजाब के एयरबेस को हाई-स्पीड मिसाइलों से रात 1:40 बजे निशाना बनाया गया। इसके जवाब में भारतीय सेना ने रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहमयार खान और सियालकोट स्थित पाक सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन हमलों में नागरिक क्षति न्यूनतम रखी गई।
26 से अधिक बार हवाई घुसपैठ की कोशिशें, भारत रहा सतर्क
विंग कमांडर सिंह ने बताया कि पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास श्रीनगर से नलिया तक 26 से अधिक स्थानों पर हवाई घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने विफल कर दिया।
पाकिस्तान की फर्जी खबरों पर भारत की दो टूक
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान की गतिविधियां जानबूझकर तनाव बढ़ाने वाली हैं और उकसावे की नीति पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा भारत के आदमपुर, सूरतपुर, एस-400 सिस्टम, नगरोटा के गोला-बारूद डिपो और ब्रह्मोस फैसिलिटी को नष्ट करने के दावे झूठे हैं।
मिस्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर और पंजाब में नागरिक क्षेत्रों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, राजौरी और अखनूर में तोप और मोर्टार से भारी गोलाबारी की जा रही है, जिससे नागरिक नुकसान हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में एक प्रशासनिक अधिकारी की जान भी गई है।
फेक न्यूज से सतर्क रहने की अपील
भारत सरकार ने साफ किया है कि पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे अधिकतर वीडियो, तस्वीरें और दावे फर्जी हैं और उनका उद्देश्य भारत में भ्रम और सांप्रदायिक तनाव फैलाना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।