सीवान: जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी में बिहार के सिवान जिले के वीर जवान रामबाबू प्रसाद शहीद हो गए हैं। 9 मई को ड्यूटी के दौरान हुए इस हमले ने पूरे वसिलपुर गांव को गम में डुबो दिया है। महज 3 महीने पहले फरवरी में उनकी शादी हुई थी, और अब उनका पार्थिव शरीर आज 13 मई को गांव लाया जाएगा, जहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
जन्मभूमि से शहीद की विदाई
रामबाबू प्रसाद, सिवान के गौतम बुद्ध नगर थाना क्षेत्र के वसिलपुर गांव के निवासी थे। उनके पिता स्वर्गीय रामविचार सिंह, हरिहरपुर पंचायत के पूर्व उपमुखिया रह चुके हैं। जवान की शादी इसी साल फरवरी में धूमधाम से हुई थी, और शादी के कुछ ही सप्ताह बाद वे जम्मू-कश्मीर में अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे।
शहादत की खबर से टूटा परिवार
9 मई को पाकिस्तान की तरफ से अचानक हुई गोलीबारी में रामबाबू ने वीरगति प्राप्त की। उनकी नवविवाहिता पत्नी, परिवार और पूरे गांव के लिए यह खबर गहरे सदमे की तरह आई। हालांकि, शोक के साथ-साथ गांववालों को उनकी बहादुरी पर गर्व भी है।
🇮🇳 राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
आज जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा, तो प्रशासनिक और सेना के अधिकारी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। ग्रामीणों ने बताया कि रामबाबू बचपन से ही देशसेवा का सपना देखते थे। आज, उनके बलिदान पर हर आंख नम है लेकिन सीना गर्व से चौड़ा भी।
एक और शहादत – सब इंस्पेक्टर इम्तियाज
रामबाबू से एक दिन पहले ही, छपरा के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज भी पाक गोलीबारी में शहीद हो गए थे। जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में ड्यूटी के दौरान वे घायल हुए और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। 12 मई को उनके गांव नारायणपुर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जहां ‘भारत माता की जय’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे गूंजे।
देश अपने इन वीरों को हमेशा याद रखेगा। उनके बलिदान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सीमा की रक्षा में बिहार के लाल हमेशा आगे हैं।