पटना: बिहार सरकार ने राज्य के पंजीकृत कारखानों में काम करने वाले मजदूरों के हित में एक नई नियमावली लागू की है, जो 8,000 से अधिक रजिस्टर्ड कारखानों में कार्यरत 2 लाख से अधिक कामगारों को सीधा लाभ पहुंचाएगी। यह नियमावली श्रम संसाधन विभाग द्वारा लागू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य मजदूरों के शोषण को रोकना और कार्यस्थल पर सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
🔹 अब एक दिन में अधिकतम 8 घंटे ही काम
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी मजदूर से एक दिन में अधिकतम 8 घंटे और सप्ताह में 48 घंटे (साप्ताहिक अवकाश सहित) से अधिक काम नहीं लिया जा सकेगा। यदि किसी कारखाने में मजदूर से 8 घंटे से ज्यादा काम लिया जाता है, तो उस अतिरिक्त समय के लिए उसे दोगुने वेतन का भुगतान करना अनिवार्य होगा।
🔹 ओवरटाइम पर मिलेगा पूरा हक
पहले मजदूरों को ओवरटाइम तो कराया जाता था, लेकिन भुगतान सामान्य दर पर होता था। नई नियमावली के अनुसार अब यह भुगतान कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 59 के तहत दोगुनी दर से किया जाएगा।
🔹 सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
कामगारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नए नियमों में कहा गया है कि:
- 500 या उससे अधिक मजदूरों वाले कारखानों में एक सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
- खतरनाक प्रक्रियाओं से जुड़े कारखानों में हर 250 मजदूरों पर एक सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
- सभी कारखानों में एक सुरक्षा समिति बनेगी, जिसमें नियोक्ता और कामगार दोनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
🔹 न्यूनतम मजदूरी में भी हुई बढ़ोतरी
बिहार सरकार ने 1 अक्टूबर 2024 से न्यूनतम मजदूरी में 3.17% की वृद्धि की है। नई दरें इस प्रकार हैं:
- अकुशल मजदूर: ₹424/दिन
- अर्धकुशल मजदूर: ₹440/दिन
- कुशल मजदूर: ₹536/दिन
- अतिकुशल मजदूर: ₹654/दिन
मजदूरों को उनकी योग्यता के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है ताकि उन्हें उचित वेतन मिल सके।
🔹 उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
हालांकि नियमों को लागू करने में चुनौतियां भी हैं, खासकर छोटे और अनौपचारिक कारखानों में। श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए श्रम निरीक्षकों की विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो निगरानी और जांच का कार्य करेंगी।
श्रम संसाधन विभाग के अनुसार, यह पहल कामगारों के अधिकारों की रक्षा, उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने और काम के माहौल को सुरक्षित व सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।