पटना : ‘दही खाओ, ईनाम पाओ’ प्रतियोगिता में उमड़ा उत्साह, 600 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया भाग

Patna: The "Eat Curd, Win a Prize" competition saw tremendous enthusiasm, with over 600 participants taking part.

पटना: पटना के फुलवारीशरीफ स्थित पटना डेयरी प्रोजेक्ट परिसर में मंगलवार को परंपरागत ‘दही खाओ, ईनाम पाओ’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बिहार, झारखंड सहित अन्य राज्यों से आए 600 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 400 से अधिक लोगों ने प्रतियोगिता में सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रतियोगिता में दही खाने के लिए प्रतिभागियों को मात्र तीन मिनट का समय दिया गया।

पुरुष, महिला और वरिष्ठ नागरिक वर्ग में दिखा दमखम
पुरुष वर्ग में पटना के बाढ़ निवासी कुलकुल कुमार ने तीन मिनट में 3 किलो 105 ग्राम दही खाकर प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया। वहीं सदीशोपुर, पटना के अनिल कुमार ने 3 किलो 75 ग्राम दही खाकर दूसरा और संपतचक, पटना के अजीत कुमार ने 2 किलो 925 ग्राम दही खाकर तीसरा स्थान हासिल किया।

महिला वर्ग में अलीनगर, पटना की रोजी परवीन ने तीन मिनट में 3 किलो 340 ग्राम दही खाकर पहला स्थान प्राप्त किया। बाजार समिति, पटना की सुनीता देवी ने 3 किलो 325 ग्राम दही खाकर दूसरा, जबकि कंकड़बाग की ज्योत्सना कुमारी ने 3 किलो 305 ग्राम दही खाकर तीसरा स्थान पाया।

वरिष्ठ नागरिकों ने भी दिखाया जोश
वरिष्ठ नागरिक पुरुष श्रेणी में दानापुर निवासी हरेन्द्र राय ने तीन मिनट में 3 किलो 550 ग्राम दही खाकर प्रथम पुरस्कार जीता। जहानाबाद के प्रणय शंकर कांत दूसरे और पटना के मो. खुर्शीद आलम तीसरे स्थान पर रहे।

वरिष्ठ नागरिक महिला वर्ग में राजीव नगर, पटना की मधु देवी ने 2 किलो 450 ग्राम दही खाकर प्रथम स्थान हासिल किया। राजेन्द्र नगर की विभा देवी दूसरे और अनिसाबाद की आशा देवी तीसरे स्थान पर रहीं।

2011 से चली आ रही है परंपरा
यह प्रतियोगिता वर्ष 2011 से हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित की जा रही है। इस वर्ष भी 20 जनवरी 2026 को आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सुधा की गुणवत्ता और किसानों के हित पर जोर
पटना डेयरी प्रोजेक्ट के अध्यक्ष संजय कुमार ने प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए दही और दुग्ध उत्पादों के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुधा की गुणवत्ता पर उपभोक्ताओं का अटूट भरोसा है और दूध उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक पूरी प्रक्रिया में शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। उन्होंने बताया कि यह व्यवसाय पूरी तरह ग्रामीण किसानों द्वारा संचालित है, जिससे लाभ सीधे किसानों तक पहुंचता है।

प्रबंध निदेशक रूपेश राज ने बताया कि यह प्रतियोगिता पिछले 15 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आयोजन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी विजेता हैं और सुधा के दूध व दुग्ध उत्पादों को दैनिक जीवन में शामिल करने का आह्वान किया।

विजेताओं को किया गया सम्मानित
सभी वर्गों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पटना डेयरी प्रोजेक्ट के अध्यक्ष संजय कुमार, प्रबंध निदेशक रूपेश राज, निदेशक मंडल सदस्य बासुकीनाथ सिंह एवं कामता यादव द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में पटना डेयरी प्रोजेक्ट के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

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