पटना: मशहूर कारोबारी और मगध हॉस्पिटल के मालिक गोपाल खेमका की हत्या के मामले में बिहार पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। 7 जुलाई की रात, पटना के मालसलामी थाना क्षेत्र के पीर दमरिया घाट के पास हुई पुलिस और अपराधियों की मुठभेड़ में इस कांड का मुख्य आरोपी विकास उर्फ राजा (29 वर्ष) मारा गया।
बिहार पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, यह मुठभेड़ रात करीब 2:45 बजे उस वक्त हुई जब एसआईटी (विशेष जांच दल) और एसटीएफ (विशेष कार्य बल) हत्याकांड से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रहे थे। पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा भी बरामद किया है।
हथियार सप्लाई का था आरोप
पुलिस के अनुसार, विकास उर्फ राजा इस हत्याकांड में हथियार सप्लाई करने वाला मुख्य आरोपी था। उसने शूटर उमेश यादव उर्फ विजय को वही पिस्तौल मुहैया कराई थी जिससे खेमका की हत्या की गई। मुठभेड़ के दौरान पुलिस को देखकर विकास ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की गोली से उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पटना सिटी) सुबह 5:00 बजे, नगर पुलिस अधीक्षक 5:05 बजे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (पटना) 5:20 बजे मौके पर पहुंचे। विकास का शव नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। फिलहाल मालसलामी इलाके में हालात सामान्य हैं।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं मास्टरमाइंड और शूटर
उल्लेखनीय है कि 4 जुलाई की रात 11:40 बजे, गांधी मैदान थाना क्षेत्र में गोपाल खेमका की उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले ही मुख्य शूटर उमेश यादव और मास्टरमाइंड अशोक कुमार साव को गिरफ्तार कर लिया था।
पूछताछ में उमेश ने कबूला कि उसे 3.5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी, जिसमें 1 लाख रुपये एडवांस मिले थे। जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या का कारण जमीन विवाद था, और इस मामले का कनेक्शन बेउर जेल में बंद गैंगस्टर अजय वर्मा से भी जुड़ रहा है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई स्कूटी और 3 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
DGP आज करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
आज शाम 5 बजे, बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले से जुड़े और खुलासे करेंगे। इस दौरान एडीजी (मुख्यालय), आईजी (केंद्रीय क्षेत्र) समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
यह हत्याकांड राज्य में कानून-व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर चुका है। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने इसकी CBI जांच की मांग की है। वहीं DGP ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी और खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस केस की निगरानी कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।