नई दिल्ली: आधार से वोटर लिस्ट में नाम नहीं कटेगा, चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दी स्पष्ट सफाई

New Delhi: Names will not be deleted from the voter list due to Aadhaar, the Election Commission clarified in the Supreme Court.

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में साफ किया है कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया (एसआईआर) में आधार कार्ड का उपयोग केवल व्यक्ति की पहचान सत्यापित करने के लिए किया जा रहा है। आधार नागरिकता का कोई प्रमाण नहीं है। आयोग ने कहा कि आधार कार्ड होने या न होने से किसी का नाम वोटर लिस्ट में न तो जोड़ा जाएगा और न ही हटाया जाएगा। यह कदम सिर्फ डुप्लिकेट नाम हटाने और सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। हलफनामे में…

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: 8 हफ्तों में सरकारी संस्थानों को ‘डॉग-फ्री’ बनाएं

Supreme Court orders to make government institutions dog-free within 8 weeks

नई दिल्ली: देशभर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाते हुए एक अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि सार्वजनिक स्थानों, खासकर सरकारी संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाया जाए। यह आदेश जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजरिया की बेंच ने एक स्वतः संज्ञान (Suo Motu) मामले में जारी किया। दो हफ्तों में पहचान, आठ हफ्तों में कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि दो…

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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण पर जताई कड़ी नाराजगी, सीएक्यूएम से मांगी पूरी रिपोर्ट

Supreme Court expresses strong displeasure over air pollution in Delhi-NCR, seeks full report from CAQM

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सख्त रुख अपनाया। अदालत ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से हलफनामा मांगते हुए पूछा कि अब तक प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए क्या-क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे केवल स्थिति बिगड़ने पर कार्रवाई न करें, बल्कि पहले से ऐसी तैयारी करें कि हालात गंभीर होने ही न पाएं। सुनवाई के दौरान न्याय मित्र (Amicus Curiae) वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने एक चौंकाने…

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में CJI पर जूता फेंकने की कोशिश, वकील राकेश किशोर पर सख्त कार्रवाई

New Delhi: Attempt to throw shoe at CJI in Supreme Court, strict action taken against lawyer Rakesh Kishore

नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। इस गंभीर अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने उनकी अस्थायी सदस्यता रद्द कर दी, सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी, और बेंगलुरु में उनके खिलाफ आपराधिक FIR दर्ज की गई है। SCBA ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राकेश किशोर की अस्थायी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। उनके नाम को एसोसिएशन की सूची से हटाने…

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में सुरक्षा चूक, CJI बीआर गवई पर वकील ने फेंका जूता, हिरासत में आरोपी

New Delhi: Security lapse in Supreme Court; lawyer throws shoe at CJI BR Gavai; accused in custody

नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत में सोमवार (6 अक्टूबर, 2025) को एक सनसनीखेज घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। एक 60 वर्षीय वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की। यह घटना उस समय हुई जब CJI एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। जूता बेंच तक पहुंचने से पहले ही गिर गया, जिससे CJI को कोई नुकसान नहीं हुआ। हमलावर वकील, राकेश किशोर, ‘सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारे लगा रहा था। कोर्टरूम में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने…

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नई दिल्ली: जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत नहीं

New Delhi: Jacqueline Fernandez gets no relief from the Supreme Court in the money laundering case

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। जैकलीन ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। जैकलीन की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि उनकी मुवक्किल का 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग से कोई लेना-देना नहीं…

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शब्बीर शाह की जमानत याचिका पर एनआईए से मांगा जवाब, अंतरिम जमानत खारिज

New Delhi: Supreme Court seeks response from NIA on Shabir Shah's bail plea, interim bail rejected

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को टेरर फंडिंग मामले में आरोपी कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने एनआईए से दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। हालांकि, अदालत ने शाह की अंतरिम जमानत की मांग को खारिज कर दिया। अब उनकी नियमित जमानत याचिका पर दो हफ्ते बाद सुनवाई होगी। शब्बीर शाह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्विस ने कोर्ट में दलील दी कि 74 वर्षीय शाह…

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सुप्रीम कोर्ट ने 16 वर्षीय मुस्लिम लड़की की शादी को वैध ठहराया, NCPCR को लगाई फटकार

Supreme Court validates marriage of 16-year-old Muslim girl, reprimands NCPCR

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक 16 वर्षीय मुस्लिम लड़की और उसके 30 वर्षीय पति की शादी को वैध ठहराते हुए, हाईकोर्ट द्वारा दिए गए सुरक्षा के आदेश को बरकरार रखा है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस शादी पर आपत्ति जताने वाले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) को कड़ी फटकार लगाई और सवाल किया कि जब हाईकोर्ट लड़की और उसके बच्चे को संरक्षण दे रहा है, तो आयोग को इससे समस्या क्यों है? यह मामला मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत शादी करने वाली नाबालिग लड़की (आशियाना)…

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### सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग पर सुनवाई, फैसले में सुरक्षा और स्थिरता को प्राथमिकता

### Hearing on the demand for granting statehood to Jammu and Kashmir in the Supreme Court, priority given to security and stability in the decision

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर को पुनः राज्य का दर्जा देने की मांग पर दायर याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले पर निर्णय लेते समय जमीनी हकीकतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान, हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए न्यायालय ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और इनका संज्ञान लेना आवश्यक है। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार…

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आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाने के आदेश पर रोक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, कहा – जिम्मेदारी से उठाना होगा मुद्दा

The Supreme Court reserved its decision on the petition seeking stay on the order to remove stray dogs from the streets, saying the issue will have to be raised responsibly

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को जारी उस आदेश पर अस्थायी रोक लगाने की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें दिल्ली-एनसीआर से आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर आश्रय स्थलों में भेजने के निर्देश दिए गए थे। गुरुवार को जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि याचिका दायर करने वाले हर व्यक्ति को इस गंभीर मुद्दे की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी। साथ ही यह टिप्पणी भी…

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