डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक जाल: 82 वर्षीय बुजुर्ग से 73 लाख की साइबर ठगी

The Terrifying Web of 'Digital Arrest': 82-Year-Old Duped of ₹73 Lakh in Cyber ​​Fraud

कल्याण: महाराष्ट्र के कल्याण से साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां शातिर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला से 73 लाख 30 हजार रुपये ठग लिए। खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर आरोपियों ने महिला को पाकिस्तानी आतंकी से कनेक्शन होने का भय दिखाया और महज पांच दिनों में उनकी जीवनभर की जमा पूंजी हड़प ली।

कल्याण पश्चिम के सिंडीकेट इलाके की निवासी रोहिणी चंद्रकांत कुलकर्णी के साथ यह वारदात 6 से 10 अप्रैल 2026 के बीच हुई। 6 अप्रैल को उन्हें विजय खन्ना नाम के एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को वरिष्ठ जांच अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि पहलगाम हमले में पकड़े गए एक पाकिस्तानी आतंकी के पास से उनका मोबाइल नंबर मिला है और उनका नाम संदिग्ध लेन-देन व आतंकी फंडिंग में सामने आ रहा है। इस झूठी कहानी से बुजुर्ग महिला बुरी तरह घबरा गईं।

इसके बाद ठगों ने लगातार कॉल और व्हाट्सऐप के जरिए महिला पर मानसिक दबाव बनाया और जांच में सहयोग के नाम पर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने महिला को भरोसा दिलाया कि उनके बैंक खातों की जांच होनी है, इसलिए रकम को अस्थायी रूप से ‘सरकारी सुरक्षित खातों’ में ट्रांसफर करना जरूरी है, ताकि जब्ती से बचा जा सके।

डरे-सहमे हालात में महिला ने 6 से 10 अप्रैल के बीच RTGS और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 73.30 लाख रुपये ठगों द्वारा बताए गए खातों में भेज दिए। बाद में जब उन्होंने परिजनों को इस घटना की जानकारी दी, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।

घटना के बाद कल्याण के महात्मा फुले चौक पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस निरीक्षक विजय नाईक के नेतृत्व में आरोपियों की तलाश के लिए गहन जांच जारी है।

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