नई दिल्ली: अमेरिका की कोशिशों को झटका देते हुए होर्मुज़ जलडमरूमध्य में लागू नाकाबंदी 24 घंटे के भीतर ही विफल होती नजर आई। ईरान की अनुमति से चीन का एक मालवाहक जहाज़ बिना किसी रुकावट के इस अहम समुद्री मार्ग से गुजर गया, जिससे अमेरिका की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार (13 अप्रैल) को चीनी टैंकर “रिच स्टारी” केशम द्वीप के पास से होकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य में प्रवेश करने में सफल रहा। शुरुआती तौर पर इसे कुछ देर के लिए रोका गया था, लेकिन बाद में इसे आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई। मंगलवार को यह जहाज़ ओमान की खाड़ी में देखा गया। यह टैंकर फारस की खाड़ी से होते हुए चीन के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था।
बताया जा रहा है कि इस जहाज़ पर मेथेनॉल की खेप लदी थी, जिस पर अमेरिका पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है। इसके बावजूद अमेरिका इसे रोकने में नाकाम रहा। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, इस टैंकर का पुराना नाम “फुल स्टार” था और पहले यह हांगकांग के झंडे के तहत संचालित होता था, लेकिन अब यह चीन का ध्वज लेकर चल रहा है।
इससे पहले चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि वह होर्मुज़ मामले में हस्तक्षेप न करे। चीन ने साफ कहा था कि ईरान के साथ उसके व्यापारिक और ऊर्जा संबंध मजबूत हैं और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खुला रहना चाहिए।
वहीं, अमेरिका ने अरब सागर और ओमान की खाड़ी में अपने युद्धपोत तैनात कर रखे हैं और होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाज़ों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अमेरिका का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाना, उसे परमाणु हथियार कार्यक्रम से रोकना और आर्थिक रूप से कमजोर करना बताया जा रहा है।