दरभंगा व्यवहार न्यायालय के जिला अपर सत्र न्यायाधीश-3 सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने 32 वर्ष पुराने हत्या के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने चर्चित अधिवक्ता अंबर इमाम हासमी, पूर्व लोक अभियोजक कौशर इमाम हासमी समेत कुल पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि यह फैसला सत्रवाद संख्या 320/2010 एवं 326/1999 में सुनाया गया। मामला 8 अगस्त 1994 का है, जब बसंत गांव में तालाब पर पशुओं को पानी पिलाने के दौरान रामपुकार चौधरी और अन्य ग्रामीणों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी। एक की मौत डीएमसीएच में इलाज के दौरान हुई, जबकि दूसरे ने कुछ दिनों बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
घटना के बाद वर्ष 1994 में कुल 13 नामजद और 10–12 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अनुसंधान के दौरान एक अभियुक्त रंगदार हासमी फरार हो गया था। पुलिस ने मामले में कुल 12 अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। गवाही के दौरान दो अन्य अभियुक्त भी फरार हो गए, जिनके विरुद्ध ट्रायल अलग कर दिया गया।
अदालत ने शेष बचे पांच अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में उन्हें एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।