पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सिर्फ शराब मिलने पर वाहन जब्त नहीं किया जा सकता

Major Patna High Court ruling Vehicles cannot be confiscated solely on the grounds of liquor being found in them.

पटना: हाईकोर्ट ने बिहार में शराबबंदी कानून के तहत वाहन जब्ती को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी वाहन में शराब मिलने मात्र से उसे जब्त नहीं किया जा सकता। वाहन की जब्ती के लिए यह साबित होना आवश्यक है कि वाहन मालिक भी अवैध गतिविधि में शामिल था या उसकी मिलीभगत थी। न्यायमूर्ति पी.बी. बाजंतरी और न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी वाहन का उपयोग शराब या अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने के लिए किया जाना…

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बिहार वोटर लिस्ट SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, संदिग्ध नागरिकों की सूची 4 हफ्ते में गृह मंत्रालय को भेजने का निर्देश

Supreme Court's Major Verdict on Bihar Voter List: Directs Ministry of Home Affairs to Submit List of Suspect Citizens Within Four Weeks.

नई दिल्ली: बिहार की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को सही ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को बड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि जिन लोगों के नाम संदिग्ध नागरिकता के आधार पर वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उनकी सूची चार सप्ताह के भीतर गृह मंत्रालय को भेजी जाए, ताकि नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत आगे की कार्रवाई की जा सके। चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट के अहम निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि: संदिग्ध नागरिकता के आधार पर हटाए…

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दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने के लिए पहले मंजूरी जरूरी नहीं

Delhi High Court's Major Verdict: Private Schools Do Not Require Prior Approval to Hike Fees

नई दिल्ली: Delhi High Court ने शुक्रवार को निजी और गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में फीस बढ़ाने के लिए उन्हें पहले से सरकारी मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि पूर्व अनुमति केवल उस स्थिति में जरूरी होगी, जब कोई स्कूल शैक्षणिक सत्र के बीच में फीस बढ़ाना चाहता है। जस्टिस Anup Jairam Bhambhani की बेंच ने कहा कि किसी स्कूल के पास सरप्लस फंड होना मात्र इस बात का प्रमाण नहीं माना…

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पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला— परिवार में कमाने वाला सदस्य हो तो अनुकंपा नौकरी का दावा नहीं

Patna High Court's Major Verdict: No Claim for Compassionate Appointment If There Is an Earning Member in the Family

पटना: Patna High Court ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि किसी मृतक सरकारी कर्मचारी के परिवार में पहले से कोई कमाने वाला सदस्य मौजूद है और उसकी आय से परिवार का भरण-पोषण संभव है, तो अनुकंपा के आधार पर नौकरी नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति Partha Sarathi की एकल पीठ ने सिट्टू कुमार की याचिका को खारिज करते हुए बेगूसराय जिला अनुकंपा समिति के निर्णय को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य केवल ऐसे परिवारों की मदद करना है, जिनके पास जीविका…

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